विद्युत उद्दीपन ‘छाया-व्यक्ति’ प्रेरित करता है
🎓 अकादमिक शोध
जिनेवा विश्वविद्यालय अस्पताल/EPFL, Arzy, Seeck, Blanke (Nature 2006) · स्विट्ज़रलैंड · 2006
22-वर्षीय मिर्गी-रोगी के बाएँ टेम्पोरो-पैराइटल संगम के उद्दीपन ने उसे पीछे अपनी हरकतें नकल करती काली आकृति का एहसास बार-बार कराया।
निष्कर्ष‘छाया-व्यक्ति’ आत्म-देह-प्रतिनिधित्व की गलत-स्थिति है।
स्रोत ↗
Persinger का ‘ईश्वर-हेलमेट’
🎓 अकादमिक शोध
लॉरेंशियन विश्वविद्यालय, Michael Persinger · उप्साला विश्वविद्यालय, Granqvist का दोहरा-अंध पुनरुत्पादन (2005) · कनाडा · स्वीडन · 1980s–2005
कमज़ोर चुम्बकीय क्षेत्र टेम्पोरल लोब पर लगाने से 80% विषयों ने ‘उपस्थिति का एहसास’ बताया; स्वीडिश दोहरे-अंध पुनरुत्पादन में प्रभाव क्षेत्र से नहीं, सुझाव-शीलता से जुड़ा मिला।
निष्कर्षसुझाव ‘उपस्थिति-भाव’ बना सकता है।
स्रोत ↗
निद्रा-पक्षाघात और ‘छाया-व्यक्ति’
🎓 अकादमिक शोध
वॉटरलू विश्वविद्यालय, Cheyne (Consciousness and Cognition 1999) · कनाडा · 1999
निद्रा-पक्षाघात के ‘घुसपैठिया’, ‘छाती पर दबाव’ अनुभव संस्कृतियों के पार अत्यधिक समान हैं।
निष्कर्षअधिकांश ‘काली छाया दर्शन’ को समझाता है।
स्रोत ↗