749साई अनुसंधान अभिलेखागारBUREAU 749

पादप-नियंत्रणChlorokinesis

पौधों की वृद्धि या आक्रमण को नियंत्रित करना

वास्तविकताकोई पौधों को नियंत्रित नहीं करता; ‘पादप-बोध’ (Backster) पुनरुत्पादित न हो सका; पर पौधे सचमुच ‘सीख’ सकते हैं (Gagliano 2016) और कवकमूल जाल से ‘संवाद’ करते हैं (Simard 1997)।
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बैक्स्टर प्रभाव

📜 अभिलेखित
पूर्व-CIA पॉलीग्राफ विशेषज्ञ Cleve Backster (Int. J. Parapsychology 1968) · अमेरिका, न्यूयॉर्क · 1966

ड्रेसीना पर पॉलीग्राफ लगाया तो पत्ता जलाने की केवल ‘सोच’ पर रेखा ज़ोर से हिली, ‘The Secret Life of Plants’ की सामग्री बनी; 1974 के विश्वविद्यालयी पुनरुत्पादन विफल, 2006 में ‘MythBusters’ भी विफल।

निष्कर्षपुनरुत्पादित न हो सका।
स्रोत ↗

मटर का पावलोवी अनुकूलन

🎓 अकादमिक शोध
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय, Monica Gagliano (Scientific Reports 2016) · ऑस्ट्रेलिया · 2016

पंखे की हवा को प्रकाश-स्रोत से जोड़कर प्रशिक्षित किया, तो मटर के अंकुर केवल हवा की दिशा से बढ़ने की दिशा तय करने लगे।

निष्कर्षपौधों में साहचर्य-अधिगम है।
स्रोत ↗

जंगल का ‘वृक्ष-जाल’

🎓 अकादमिक शोध
ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय, Suzanne Simard (Nature 1997) · कनाडा · 1997

कार्बन समस्थानिकों से सिद्ध किया कि बर्च और डगलस-फ़र भूमिगत कवकमूल जाल से कार्बन का आदान-प्रदान करते हैं।

निष्कर्षपौधों के बीच सच्चा ‘संवाद और पारस्परिक सहायता’ मौजूद है।
स्रोत ↗

फ़िंडहॉर्न उद्यान

📜 अभिलेखित
Findhorn Foundation · यूके, स्कॉटलैंड · 1962–

संस्थापकों ने ‘पादप-देवों’ से संवाद का दावा किया और बंजर रेत में 18 किग्रा गोभी उगाई।

निष्कर्षकोई नियंत्रण नहीं; मिट्टी-सुधार से समझाया जाता है।
स्रोत ↗

🐾 जैव/प्रकृति क्षमताएँ

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